
अमेरिकी राजनीति का ‘एंटरटेनमेंट चैनल’ फिर ऑन हो गया है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, जो अक्सर अपने बयान से सुर्खियों में रहते हैं, इस बार यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा लेकर आए हैं।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और उनके दामाद जैरेड कशनर की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ “बहुत अच्छी बैठक” हुई है। अच्छा… मतलब कूटनीति में भी अब Good Vibes काम करती हैं?
“पता नहीं रूस क्या कर रहा… But Meeting Was VERY Good!” — ट्रंप स्टाइल में डिप्लोमेसी
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा- “मुझे नहीं पता रूस क्या कर रहा है, लेकिन हमारी मीटिंग बहुत अच्छी रही है। सलाहकार मानते हैं कि पुतिन यूक्रेन युद्ध खत्म करना चाहते हैं। यह युद्ध तो शुरू ही नहीं होना चाहिए था।”
मतलब—ट्रंप साहब को पता भी नहीं है कि रूस कर क्या रहा है, लेकिन निष्कर्ष निकाल दिया कि युद्ध खत्म होने वाला है। Classic Trump!
रूस की तरफ़ से भी आया बयान—“बातचीत Positive है, लेकिन… काम तो अभी बाकी है”
रूस में हुई इस मुलाक़ात के बाद, पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि बातचीत “रचनात्मक” रही, कई मुद्दों पर अभी लंबा रास्ता बाकी है, खासकर उन क्षेत्रों पर कोई समझौता नहीं हुआ, जिन्हें यूक्रेन वापस चाहता है।
मतलब—मीटिंग अच्छी थी, लेकिन झगड़ा अभी वैसा का वैसा है।
क्या सच में युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ी?
यह मीटिंग एक डिप्लोमैटिक सिग्नल हो सकती है—लेकिन यह कहना कि युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा, अभी जल्दबाजी होगी।
वहीं ट्रंप तो इसको अपनी पॉलिटिकल पिच की तरह पेश कर रहे हैं— “देखो, पुतिन को मैं ही मना सकता हूं!”
अमेरिकी दूतों की पुतिन से मुलाकात को लेकर दोनों देशों ने ‘अच्छी बातचीत’ की बात तो कही है, पर असल मुद्दों पर अभी भी कोई ब्रेकथ्रू नहीं दिखता।
ट्रंप बयान देकर माहौल बनाने में तो माहिर हैं— लेकिन दुनिया अब भी इंतज़ार में है कि यूक्रेन युद्ध की असली दिशा कब बदलेगी।
